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आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° डिलीवरी के बाद जापे में à¤à¤¸à¥‡ करनी चाहिठमां की देखà¤à¤¾à¤²
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठनियमों का पालन करके आप हर हाल में सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और निरोगी रह सकते हैं, इसलिठआज हम आपको डिलीवरी के बाद आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नियमों की मदद से सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
डिलीवरी के बाद शरीर पूरी तरह से टूट जाता है। मांसपेशियां, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और शरीर का हर à¤à¤• अंग दरà¥à¤¦ और कमजोरी महसूस करता है। यही वजह है कि डिलीवरी के बाद और जापे के दौरान महिलाओं की अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से देखà¤à¤¾à¤² करना जरूरी होता है।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में à¤à¥€ यही कहा गया है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिलाओं की देखà¤à¤¾à¤² बहà¥à¤¤ महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में तà¥à¤°à¤¿à¤¦à¥‹à¤· यानी वात, पितà¥à¤¤ और कफ का जिकà¥à¤° किया गया है और डिलीवरी के दौरान वात दोष में बहà¥à¤¤ खराबी आ जाती है और इसकी वजह से तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ में रूखापन, पेट फूलने, कबà¥â€à¤œ, जोड़ों में दरà¥à¤¦ और शरीर में सूजन आ जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर के अंदर वात दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के लिठकà¥à¤› जरूरी उपाय किठजा सकते हैं।
गरà¥à¤® पानी से नहाना
गरà¥à¤® पानी से नहाने से बदन दरà¥à¤¦ और तनाव से राहत मिलती है। पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® ही नहीं, बलà¥à¤•ि पीरियडà¥à¤¸ वगैरह में पेट दरà¥à¤¦ या मांसपेशियों के दरà¥à¤¦ को कम करने से à¤à¥€ गरà¥à¤® पानी उपयोगी साबित हो सकता है।
जापे के पहले तीन दिनों में पिà¤à¤‚ कांसा तप, पूरे शरीर की गंदगी होगी साफ
10 चमà¥â€à¤®à¤š अजवाइन और बूरा लेनी है (अजवाइन की मातà¥à¤°à¤¾ से आधी से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾)। इस रेसिपी में आपको इतना घी लेना है कि अजवाइन और बूरा को मिलाने पर सामगà¥à¤°à¥€ थोड़ी पतली बने।
अब जानते हैं कि घर पर जापे के लिठकांसा तप कैसे बना सकते हैं :
सबसे पहले अजवाइन को मिकà¥â€à¤¸à¥€ में पीस लें।अजवाइन को बारीक पीसें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि डिलीवरी के बाद मोटी अजवाइन चबाने में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।अब à¤à¤• समतल तले वाले बरà¥à¤¤à¤¨ में अजवाइन के पाउडर को डालें।इसके बाद अजवाइन पाउडर में बूरा को डाल दें।बूरा और अजवाइन को à¤à¤• साâ€à¤¥ मिला लें।
घी को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से गरà¥à¤® कर लें।थोड़ा-थोड़ा कर के घी को पाउडर में डालना है।घी इतनी मातà¥à¤°à¤¾ में डालना है कि पतला पेसà¥â€à¤Ÿ तैयार हो जाà¤à¥¤à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤°à¤£ सहित इस समतल बरà¥à¤¤à¤¨ को पेड़ू पर यानि पेट के नीचे वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर रखें।इससे पेट की सिकाई होती रहेगी।इतने मां आधी-आधी चमà¥â€à¤®à¤š करते हà¥à¤ इस मिशà¥à¤°à¤£ को खाती रहे।
डिलीवरी के बाद शरीर की सारी गंदगी बाहर निकल जाती है। à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि कांसा तप डिलीवरी के बाद बॉडी को डिटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¾à¤ˆ करता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद मां का दूध गाढ़ा होता है जिसे सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से खींचने में शिशॠको दिकà¥â€à¤•त होती है। कांसा तप लेने से मां का दूध पतला होता है जिससे बचà¥â€à¤šà¤¾ आसानी से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से दूध को खींच पाता है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पचता नहीं है जिसकी वजह से दूध पीते ही बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¥€ कर देता है या उसे पेट दरà¥à¤¦ होने लगता है। मां के कांसा तप पीने से बचà¥â€à¤šà¥‡ का पाचन ठीक होता है और उसे इस तरह की दिकà¥â€à¤•तें कम आती हैं।
आप कांसा तप जिस बरà¥à¤¤à¤¨ में बना रहे हैं, उसका बेस समतल यानि चौड़ा होना चाहिà¤à¥¤à¤•ांसा तप को सीधा पेट पर न रखें बलà¥à¤•ि पहले पेट पर कोई सूती कपड़ा रखें और फिर उसके ऊपर कांसा तप रखें।कपड़ा इतना मोटा होना चाहिठकि उसकी गरमाई से न तो सà¥à¤•िन जले और सà¥à¤•िन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ गरमाई à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सके।इसे नाà¤à¤¿ के नीचे वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर रखना है।इसकी दिनà¤à¤° में 8 से 10 चमà¥â€à¤®à¤š खा सकते हैं। खाने से शरीर अंदर से साफ होता है और सिकाई से शारीरिक दरà¥à¤¦ दूर होता है।
इससे शरीर रिलैकà¥â€à¤¸ महसूस करता है और टांकों को à¤à¥€ à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है। नहाने के बाद टांके वाली जगह को आराम से सà¥à¤–ाà¤à¤‚, जिससे कि वहां पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ और पस बनने का खतरा न रहे।
पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बेलà¥â€à¤Ÿ पहनें
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बेलà¥à¤Ÿ पहनने से पेट को सपोरà¥à¤Ÿ मिलता है। डिलीवरी के बाद वात दोष के बढ़ने के कारण पेट में हवा à¤à¤° जाती है।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की मानें तो पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बेलà¥à¤Ÿ की मदद से पेट का साइज कम करने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही पेट की परत की मांसपेशियां à¤à¥€ ढीली होती हैं, जिससे मजबूती और संतà¥à¤²à¤¨ आता है। इससे कमर दरà¥à¤¦ à¤à¥€ कम हो सकता है, लेकिन इस बेलà¥à¤Ÿ को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट न बांधें।
जापे के पहले तीन दिनों में पिà¤à¤‚ कांसा तप, पूरे शरीर की गंदगी होगी साफ
10 चमà¥â€à¤®à¤š अजवाइन और बूरा लेनी है (अजवाइन की मातà¥à¤°à¤¾ से आधी से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾)। इस रेसिपी में आपको इतना घी लेना है कि अजवाइन और बूरा को मिलाने पर सामगà¥à¤°à¥€ थोड़ी पतली बने।
अब जानते हैं कि घर पर जापे के लिठकांसा तप कैसे बना सकते हैं :
सबसे पहले अजवाइन को मिकà¥â€à¤¸à¥€ में पीस लें।अजवाइन को बारीक पीसें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि डिलीवरी के बाद मोटी अजवाइन चबाने में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।अब à¤à¤• समतल तले वाले बरà¥à¤¤à¤¨ में अजवाइन के पाउडर को डालें।इसके बाद अजवाइन पाउडर में बूरा को डाल दें।बूरा और अजवाइन को à¤à¤• साâ€à¤¥ मिला लें।
घी को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से गरà¥à¤® कर लें।थोड़ा-थोड़ा कर के घी को पाउडर में डालना है।घी इतनी मातà¥à¤°à¤¾ में डालना है कि पतला पेसà¥â€à¤Ÿ तैयार हो जाà¤à¥¤à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤°à¤£ सहित इस समतल बरà¥à¤¤à¤¨ को पेड़ू पर यानि पेट के नीचे वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर रखें।इससे पेट की सिकाई होती रहेगी।इतने मां आधी-आधी चमà¥â€à¤®à¤š करते हà¥à¤ इस मिशà¥à¤°à¤£ को खाती रहे।
डिलीवरी के बाद शरीर की सारी गंदगी बाहर निकल जाती है। à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि कांसा तप डिलीवरी के बाद बॉडी को डिटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¾à¤ˆ करता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद मां का दूध गाढ़ा होता है जिसे सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से खींचने में शिशॠको दिकà¥â€à¤•त होती है। कांसा तप लेने से मां का दूध पतला होता है जिससे बचà¥â€à¤šà¤¾ आसानी से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से दूध को खींच पाता है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पचता नहीं है जिसकी वजह से दूध पीते ही बचà¥â€à¤šà¤¾ उलà¥â€à¤Ÿà¥€ कर देता है या उसे पेट दरà¥à¤¦ होने लगता है। मां के कांसा तप पीने से बचà¥â€à¤šà¥‡ का पाचन ठीक होता है और उसे इस तरह की दिकà¥â€à¤•तें कम आती हैं।
आप कांसा तप जिस बरà¥à¤¤à¤¨ में बना रहे हैं, उसका बेस समतल यानि चौड़ा होना चाहिà¤à¥¤à¤•ांसा तप को सीधा पेट पर न रखें बलà¥à¤•ि पहले पेट पर कोई सूती कपड़ा रखें और फिर उसके ऊपर कांसा तप रखें।कपड़ा इतना मोटा होना चाहिठकि उसकी गरमाई से न तो सà¥à¤•िन जले और सà¥à¤•िन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ गरमाई à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सके।इसे नाà¤à¤¿ के नीचे वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर रखना है।इसकी दिनà¤à¤° में 8 से 10 चमà¥â€à¤®à¤š खा सकते हैं। खाने से शरीर अंदर से साफ होता है और सिकाई से शारीरिक दरà¥à¤¦ दूर होता है
तेल से सà¥â€à¤¨à¤¾à¤¨
जापे के 40 दिनों में आपको ऑयल बाथ जरूर लेना है। यहां तक कि जापे के बाद à¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• या दो बार ऑयल बाथ लेना जारी रखें। इससे मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती मिलती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ की रंग में निखार आता है à¤à¤µà¤‚ शरीर को पोषण मिलता है। तेल मालिश के बाद गरà¥à¤® पानी से नहाने से पूरे शरीर को ताकत मिलती है। नारियल तेल से रोज मालिश करने पर धीरे-धीरे सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥â€à¤¸ à¤à¥€ गायब हो जाते हैं और रूखी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ को पोषण मिलता है।
हर हाल में करें आराम
डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर कमजोर हो जाता है और इस हालत में à¤à¥€ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पिलाना होता है। डिलीवरी के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में तो चैन की नींद तक नहीं मिल पाती है और नींद की कमी से तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर होगा कि शिशॠके सोने पर आप à¤à¥€ à¤à¤ªà¤•ी ले लें।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° डाइट कैसी हो
अपनी डाइट में हलà¥â€à¤¦à¥€, अदरक, धनिया, जीरा और सौंफ जैसे मसालों को शामिल करें। अà¤à¥€ दाल जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इनकी वजह से गैस बन सकती है। अà¤à¥€ आपको और शिशॠको कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की बहà¥à¤¤ जरूरत है इसलिठदिन में दो से तीन गिलास दूध पिà¤à¤‚। घी और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाà¤à¤‚। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिà¤à¤‚।
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